ईद की नमाज़ को लेकर दारुल उलूम देवबंद का आया फ़तवा!

कोरोना वायरस को लेकर पूरे देश में लॉकडाउन लागू है। लॉकडाउन के दौरान भीड़ न करने, सोशल डिस्टेंसिंग मेंटन करने की सलाह दी गई।

पत्रिका पर छपी खबर के अनुसार, इसी कड़ी में दारुल उलूम देवबंद ने ईद को लेकर नया फतवा जारी किया है। दारुल उलूम का कहना है कि इस बार ईद की नमाज घर पर ही अता करें। साथ ही अगर कोई मस्जिद में जाकर नमाज पढ़ता है तो सरकारी निर्देशों का पालन जरूर करें।

दरअसल, एक तरफ कोरोना संकट के कारण लॉकडाउन चल रहा है। वहीं, दूसरी ओर यह रमजान का पावन महीना भी है। मुस्लिम भाई ईद की तैयारी में लगे हैं। लेकिन, कोरोना को लेकर सबकुछ फीका होता जा रहा है। क्योंकि, लोगों से घरों में ही रहने की सलाह दी गई है।

एक साथ काफी संख्या में लोग जमा नहीं हो सकते हैं। लिहाजा, दारुल उलूम देवबंद ने कहा कि इस बार घरों में ईद की नमाज पढ़ें। वहीं, अगर कोई मजबूरी में नमाज नहीं पढ़ पाया तो उनके लिए नमाज-ए-ईद माफ होगी।

दारुल उलूम के मोहतमिम मौलाना मुफ्ती अबुल कासिम नोमानी बनारसी ने ईद की नमाज को लेकर सवाल उठाया था। इस पर मुफ्तियों की खंडपीठ में शामिल मुफ्ती-ए-आजम हबीबुर्रहमान आजमी, मौलाना जैनुल इस्लाम कासमी समेत कई लोगों ने कहा कि ईदुल फितर की नमाज वाजिब है और इसके लिए भी वही शर्त हैं, जो जुमे की नमाज के लिए हैं।

उन्होंने कहा कि अगर इसी तरह लॉकडाउन जारी रहा तो जैसे अभी जुमे की नमाज पढ़ी जाती है उसी तरह ईद की नमाज पढ़ी जाए। देवबंद का कहना है कि नमाज के दौरान जिला-प्रशासन ने जो गाइलाइन जारी किए हैं उसे उसी तरह फॉलो किए जाए। वहीं, नमाज न पढ़ सकने वालों को मजबूरी के कारण नमाज-ए-ईद माफ होगी।